गणतंत्र दिवस पर बधाई देने का मेरा कोई इरादा नहीं है ,पिछले ६४ वर्षों से इस औपचारिकता को निभाते निभाते एक पूरी पीढ़ी जमीदोंज हो गयी | इन चौसठ वर्षों में "गण" लगातार कमजोर होता चला गया और "तंत्र" मूल्यहीन होकर भ्रष्ट्राचार के कीचड़ में धसता चला गया | आईये गणतंत्र दिवस के इस मौके पर प्रार्थना करें कि "गण" मजबूत और शक्तिशाली बने तथा वर्तमान "तंत्र" का समूल नाश हो तथा नए कोपल "तंत्र" का उदय |
सविंधान निर्माताओं को नमन
देश में चारों ओर हो अमन — with Durgesh Verma and 12 others.
सविंधान निर्माताओं को नमन
देश में चारों ओर हो अमन — with Durgesh Verma and 12 others.
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