Friday, 28 June 2013

हम सब
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अन्धे
हमें रास्ता दिखाते हैं
हम अपनी आँखें बंद किये
उनके पीछे पीछे चले जाते हैं |


अन्धे का कहना है
ईश्वर ने मुझे दर्शन दिया
और बदले में मुझसे मेरी आँखे ले लिया
उन्हें आँखें देना गंवारा नहीं
इसलिए अपनी आँखों को
खुद ही अपने हांथों से मूँद लिया |

अन्धें ने पूछा
तुम सबको ईश्वर दिखता है
सब करने लगे हुवां हुवां   | 

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