Thursday, 20 June 2013

मुझे लाया गया
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मैं अब दर्शन नहीं दूंगा |

चलो देर बाद ही सही
उन्हें शर्म तो आई |


वे अपना दर्द
बयाँ कर रहे थे
भाई मैं यहाँ
खुद नहीं आया
मुझे जबर्दस्ती
यहाँ लाया गया
आप कहते हो
यह दुनिया मैंने बनाई
चारो ओर
हो रही है मेरी रुसवाई |
आदमी ने मेरी शक्ल
हुबहू अपने जैसी बनाई
आदमी के भगवान् को
पशु पक्षी नहीं पहचानते
चाँद तारे नहीं जानते
उनका भगवान् तो
उनके जैसा होगा
वे हैं यही मानते |


इस दुनियाँ में
जर्रे जर्रे का
अपना अपना
अलग अलग भगवान् है
मैं तो व्यर्थ ही बदनाम हूँ | 

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