फादर्स डे पर
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मुझे याद आता है पिता
रात रात भर जागता था
और बार बार
अपना कद नापता था
पिता से सीखा है
पिता होने का सलीका
जागता हूँ
अपना कद नापता हूँ
हर रोज अपना कद
कुछ घटा हुआ पाता हूँ |
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मुझे याद आता है पिता
रात रात भर जागता था
और बार बार
अपना कद नापता था
पिता से सीखा है
पिता होने का सलीका
जागता हूँ
अपना कद नापता हूँ
हर रोज अपना कद
कुछ घटा हुआ पाता हूँ |
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