सभी राजनीतिक पार्टियों के अपने-अपने कुत्ते हैं, कुत्तों के भोकने से उसके दल का पता चलता है |
Saturday, 30 July 2016
Thursday, 28 July 2016
Sunday, 24 July 2016
Saturday, 23 July 2016
शव यात्रा में शामिल वे लोग
राम नाम सत्य है का नारा लगा रहे थे
और मरनेवाले को
मन ही मन गरिया रहे थे
उसकी मौत पर
जब चीखकर मैंने कहा=
"अच्छा हुआ तुम उठ गए हो दुष्ट"
वे कमीने
बेवजह हो गये मुझसे रुष्ट
शव यात्रा में शामिल लोग जानते हैं
लाश को कन्धा देने से कंधे होते हैं पुष्ट |
( "अच्छा हुआ तुम उठ गए हो दुष्ट"--यह पंक्ति बाबा नागार्जुन से ली है उधार)
राम नाम सत्य है का नारा लगा रहे थे
और मरनेवाले को
मन ही मन गरिया रहे थे
उसकी मौत पर
जब चीखकर मैंने कहा=
"अच्छा हुआ तुम उठ गए हो दुष्ट"
वे कमीने
बेवजह हो गये मुझसे रुष्ट
शव यात्रा में शामिल लोग जानते हैं
लाश को कन्धा देने से कंधे होते हैं पुष्ट |
( "अच्छा हुआ तुम उठ गए हो दुष्ट"--यह पंक्ति बाबा नागार्जुन से ली है उधार)
Thursday, 14 July 2016
कश्मीरियों को उत्पात मचाने दो,
पाकिस्तान से
उपद्रियों के लिए रसद पानी आने दो |
क्या हुआ अगर उसने सेना के कुछ जवानों को मार दिया ?
उसे लौटकर घर जाने दो,
मौत का उत्सव तो मनाने दो
आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
पाकिस्तान से
उपद्रियों के लिए रसद पानी आने दो |
क्या हुआ अगर उसने सेना के कुछ जवानों को मार दिया ?
उसे लौटकर घर जाने दो,
मौत का उत्सव तो मनाने दो
आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
कश्मीरियों को उत्पात मचाने दो,
पाकिस्तान से
उपद्रियों के लिए रसद पानी आने दो |
क्या हुआ अगर उसने सेना के कुछ जवानों को मार दिया ?
उसे लौटकर घर जाने दो,
मौत का उत्सव तो मनाने दो
आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
पाकिस्तान से
उपद्रियों के लिए रसद पानी आने दो |
क्या हुआ अगर उसने सेना के कुछ जवानों को मार दिया ?
उसे लौटकर घर जाने दो,
मौत का उत्सव तो मनाने दो
आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
Wednesday, 13 July 2016
बिना किसी बात के हम हिन्दू धर्मगुरुओं के पीछे और वे मुस्लिम धर्मगुरुओं के पीछे लामबद्ध हो जाते हैं | और ये सभी धर्मगुरु जानते हैं कि धर्म का धंधा कभी न पड़ेगा मन्दा | कभी आपने सोचा है कि हमनें इन धर्मगुरुओं को अरबपति बना दिया है | यह धार्मिक आतंकवाद, है ज्यादा खतरनाक |
यह धर्मगुरुओं के पीछे लामबद्ध होने की बीमारी हम सब पर पड़ेगी बहुत भारी |
यह धर्मगुरुओं के पीछे लामबद्ध होने की बीमारी हम सब पर पड़ेगी बहुत भारी |
Tuesday, 12 July 2016
बिना किसी बात के हम हिन्दू धर्मगुरुओं के पीछे और वे मुस्लिम धर्मगुरुओं के पीछे लामबद्ध हो जाते हैं | और ये सभी धर्मगुरु जानते हैं कि धर्म का धंधा कभी न पड़ेगा मन्दा | कभी आपने सोचा है कि हमनें इन धर्मगुरुओं को अरबपति बना दिया है | यह धार्मिक आतंकवाद, है ज्यादा खतरनाक |
यह धर्मगुरुओं के पीछे लामबद्ध होने की बीमारी हम सब पर पड़ेगी बहुत भारी |
यह धर्मगुरुओं के पीछे लामबद्ध होने की बीमारी हम सब पर पड़ेगी बहुत भारी |
Friday, 8 July 2016
बूढ़े ने
बूढ़े को बूढ़ा कहा
बूढ़ा जवान हो गया
बूढ़े को बूढ़ा कहा
बूढ़ा जवान हो गया
बेईमान ने
बेईमान को बेईमान कहा
बेईमान ईमानदार हो गया
बेईमान को बेईमान कहा
बेईमान ईमानदार हो गया
मुर्दे ने
मुर्दे को मुर्दा कहा
मुर्दा जानदार हो गया
मुर्दे को मुर्दा कहा
मुर्दा जानदार हो गया
चोर ने
चोर को चोर कहा
चोर थानेदार हो गया
चोर को चोर कहा
चोर थानेदार हो गया
लड़की ने
लड़के से प्रेम कहा
प्रेम दागदार हो गया
लड़के से प्रेम कहा
प्रेम दागदार हो गया
लड़के ने
लड़की से प्रेम कहा
तो लड़का जवान हो गया
लड़की से प्रेम कहा
तो लड़का जवान हो गया
उसका सिर
सजदे में नहीं झुका
तो फतवा सरेआम हो गया
सजदे में नहीं झुका
तो फतवा सरेआम हो गया
ईश्वर को
बचाने की चाह में
आदमी हैवान हो गया
बचाने की चाह में
आदमी हैवान हो गया
जो भूला
मंदिर/मस्जिद का रास्ता
वह इंसान हो गया
मंदिर/मस्जिद का रास्ता
वह इंसान हो गया
जिसे देखा नहीं किसी ने
वह भगवान हो गया |
वह भगवान हो गया |
1)
फादर्स डे पर भी
जब मेरे बेटे ने मुझे याद नहीं किया
सच जानिये,
मैंने अपने पिता को
बहुत दिनों के बाद बड़ी शिद्दत से याद किया |
2)
पिता ने सोचा
बड़े दिनों के बाद
फादर्स डे पर तो
बेटे से ढेर सी बातें होंगी
पिता ने बेटे को बुलाया
और बड़े प्यार से कहा-
बेटा एक पेग बना
आज्ञाकारी बेटे ने
एक लार्ज पेग बनाया
और खुद गटक गया
हैप्पी फादर्स डे कहकर
बेटा अपने शयनकक्ष में घुस गया |
फादर्स डे पर भी
जब मेरे बेटे ने मुझे याद नहीं किया
सच जानिये,
मैंने अपने पिता को
बहुत दिनों के बाद बड़ी शिद्दत से याद किया |
2)
पिता ने सोचा
बड़े दिनों के बाद
फादर्स डे पर तो
बेटे से ढेर सी बातें होंगी
पिता ने बेटे को बुलाया
और बड़े प्यार से कहा-
बेटा एक पेग बना
आज्ञाकारी बेटे ने
एक लार्ज पेग बनाया
और खुद गटक गया
हैप्पी फादर्स डे कहकर
बेटा अपने शयनकक्ष में घुस गया |
भाषा मुझे मिली
एक बुर्राक सफ़ेद साड़ी में
एक नजर में मुझे
वह विधवा सी लगी
विधवा को जब कोई देखता है
गलत नज़र से देखता है
उन्होंने वादा किया
गलत नज़र से बचाने का
जिंदगी भर साथ निभाने का
अपनी खोली छोड़कर
वह उसके घर रहने आई
उसने सौंप दिए सारे मोती
कर दी झोली खाली
तबसे वे सफेदपोश
खा रहे हैं उसकी दलाली
उस विधवा की सफ़ेद बुर्राक साड़ी
कर दी मैली काली काली |
अब जब भी भाषा
मुझे मिलेगी तो उसे समझाउँगा
छोड़ दो शालीनता अब
और दो उन्हें भद्दी भद्दी गाली |
एक बुर्राक सफ़ेद साड़ी में
एक नजर में मुझे
वह विधवा सी लगी
विधवा को जब कोई देखता है
गलत नज़र से देखता है
उन्होंने वादा किया
गलत नज़र से बचाने का
जिंदगी भर साथ निभाने का
अपनी खोली छोड़कर
वह उसके घर रहने आई
उसने सौंप दिए सारे मोती
कर दी झोली खाली
तबसे वे सफेदपोश
खा रहे हैं उसकी दलाली
उस विधवा की सफ़ेद बुर्राक साड़ी
कर दी मैली काली काली |
अब जब भी भाषा
मुझे मिलेगी तो उसे समझाउँगा
छोड़ दो शालीनता अब
और दो उन्हें भद्दी भद्दी गाली |
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