Sunday, 16 November 2014

स्वप्न में दिखा एक हाथ
हाथ में था
पानी से भरा गिलास
सोचा पी लूँ बुझे की प्यास
खोली आँख तो दिखा नहीं हाथ
स्वप्न में पानी से भरा गिलास
बुझाता नहीं, बढ़ाता है प्यास  |

Tuesday, 4 November 2014

तथाकथित धर्मनिरपेक्ष ताकतों की मूर्खता से वोटो के ध्रुवीकरण का ऐसा सिलसिला शुरू हो गया है कि नरेंद्र मोदी की जीत का घोड़ा रोक पाना अब नामुमकिन सा लगता है |