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आकाश में स्वतंत्र उड़ने का
सपना देखा था उसने
अब वह सपना
उसके बच्चों की
आँखों में पल रहा है |
बच्चों को नहीं दिखाई देती
पैरों में पड़ी बेड़ियाँ
अपने सपनों के साथ
जमीन पर रेंगता हुआ परिंदा
कितना बेहूदा लगता है
लेकिन फिर भी
आकाश में उड़ने का ख्वाब
सतरंगा लगता है |