केदार बाबू सहमे हुए हैं 18/06/2013
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अब तो मान लो
तुम्हारा विश्वास हार गया
जिसकी पूजा अर्चना
करते हो तुम
वह कितना असहाय है |
जिस चबूतरे पर
आसन लगा था
नींव उसकी दरक गयी है
अपने भक्तों को
प्रसाद स्वरुप वितरित कर दी
प्राकृतिक आपदा
के नाम पर "मौत"
केदार बाबू सहमे हुए हैं |
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अब तो मान लो
तुम्हारा विश्वास हार गया
जिसकी पूजा अर्चना
करते हो तुम
वह कितना असहाय है |
जिस चबूतरे पर
आसन लगा था
नींव उसकी दरक गयी है
अपने भक्तों को
प्रसाद स्वरुप वितरित कर दी
प्राकृतिक आपदा
के नाम पर "मौत"
केदार बाबू सहमे हुए हैं |
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