Saturday, 1 June 2013

मुस्कराना चाहता हूँ
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जीवन भर
जो कहना चाहा
नहीं कह सका
वह सब अनकहा
एक सागर
मेरे भीतर लहराता है
कभी रोता है,कभी गाता है
मुक्त कर देना चाहता हूँ सागर को
कह देना चाहता हूँ सब अनकहा
मरने से पहले
मुस्कराना चाहता हूँ एक बार |

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