Friday, 7 June 2013

गुम हो गया घर
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शहर हो
या हो गाँव
मकानों के बनने का सिलसिला
बदस्तूर जारी है |
अब कहाँ बसते हैं "घर"
धर्मशालाओं में
गुजर जाती है जिंदगी |
एक दूसरे को
बहुत दिन सहा
"घर"
अब घर नहीं रहा |

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