Friday, 18 March 2016

मेरा हो या तुम्हारा हो,जीवनसाथी अगर झूठ नहीं बोलेगा तो यह रिश्ता चार दिन भी नहीं चलेगा | झूठ किसी भी सम्बन्ध के आजीवन निभ जाने की गारंटी देता है | 
सियासी दंगल है
अखाड़े में उतरने से पहले
एक दूसरे से हाथ मिलाने की रवायत है
इनकी जीत हो या हो हार
हर हाल में मुस्कराते हैं
मोहरों का बखूबी इस्तेमाल करना ही तो सियासत है |

Wednesday, 16 March 2016

Avdhesh Nigam अब बस भी करो आशुतोष भाई , कन्हैया की इहलीला समाप्त कोई नया कबूतर खोजिये |
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Ashutosh Kumar यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारते
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Avdhesh Nigam वक्त बदल गया है कृष्ण अब धर्म का नाश होते देखकर प्रफुल्लित होते हैं |
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Ashutosh Kumar वाम पंथी निहायत बेशर्म और कुतर्की होते हैं! जिनका धर्म से कुछ लेना देना नहीं होता है वो धर्म की बात करते हैं। और चिंता मत कीजिये, धर्म के नाश करने वाले का नाश पक्का है।
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Avdhesh Nigam धार्मिक लोग भी निहायत बेशर्म और कुतर्की होते हैं | वैसे धर्म के प्रति आपकी रूचि देखकर लगता है कि वाम पंथ से आपका दिल अब ऊब गया है |
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Ashutosh Kumar सर , यहां दो अलग अलग आशुतोष कुमार हैं। लगता है , आप कन्फ्यूज़ हो रहे हैं। मैं खुद को धार्मिक मानता हूँ , लेकिन मैं मनुष्य धर्म का अनुयायी हूँ। पूजा में नहीं , कर्म में विश्वास करता हूँ। मनुष्य धर्म के विरोधियों के विरुद्ध हूँ।
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Avdhesh Nigam वह चाहे मनुष्य धर्म ही क्यों न हो ,किसी भी तरह के पाखण्ड का मैं विरोधी हूँ | इंसानियत के पक्ष में जब हम किसी राजनीति के तहत खड़े होते हैं तब पाखण्ड हमारी मजबूरी हो जाता है |

Thursday, 10 March 2016

न वे करते हैं
प्यार देश से
न तुम करते हो
उनकी प्राथमिकताओं में
देश से पहले धर्म आता है
और तुम देश की अवधारणा को
विचारधारा की केंचुल पहनाकर नंगे हो जाते हो |

विचारधारा के शव पर
तुम्हारा इस तरह नाचना
उनकी संख्या निरंतर बढ़ा रहा है
धर्म की छतरी के नीचे
हमारा देश सिकुड़ता जा रहा है |