Avdhesh Nigam हाँ मैं भी आपकी आवाज में अपनी आवाज मिलाता हूँ | कश्मीरियों को उत्पात मचाने दो, पाकिस्तान से उपद्रियों के लिए रसद पानी आने दो | क्या हुआ अगर उसने सेना के कुछ जवानों को मार दिया ? उसे लौटकर घर जाने दो, मौत का उत्सव तो मनाने दो |
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Ashutosh Kumar आप सच्चे धर्मप्राण जान पड़ते हैं . जिन्हें शर्म छू तक नहीं गई . हिंदू तीर्थयात्रियों की जान बचाने वालों केप्रति इतनी नफ़रत ??
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Avdhesh Nigam आशुतोष जी, अच्छे और बुरे लोग हर कौम में होते हैं | मैं समझ नहीं पाता हूँ कि एक विशेष कौम के बुरे लोगों के पक्ष में खड़े होने में आपको शर्म क्यों नहीं आती है ? बुरहान को हत्यारा कहिये और फिर बात करिये ,जानता हूँ कि ऐसा कहने की हिम्मत आपमें नहीं है |
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Ashutosh Kumar ऐसा कहाँ होता है ? पूरी क़ौम ही आतंकवादी होती है। 
ख़ैर, इतना बता दीजिए कि बुरहान ने किसकी हत्या की थी ? वक दिन का समय ले कर , खोजबीन कर बताइएगा।
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Avdhesh Nigam इस तरह तो हफ़ीज़ सईद और ओसामा बिन लादेन को भी हत्यारा नहीं कहा जा सकता है,आप इन दोनों को इंसानियत और शान्ति के पुजारी कह सकते हैं |आप महान हो गुरुदेव, आपको नमन |
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Ashutosh Kumar नमन क्या करना।एक और झूठ उछालकर निकल भागिए। चालीस हत्याओं का अपराधबोध भारी लग रहा होगा न , मान्यवर।
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Avdhesh Nigam चालीस ही क्यों, इनमे उन भारतीय सेना के सैनिकों को भी जोड़ लीजिए जिनकी हत्याएं की गयी है | वैसे आप बड़ी आसानी से यह कहकर निकल सकते हैं कि इन सैनिकों की ह्त्या मंगलग्रह से आये आतताइयों द्वारा की गयी है | अब नमन करने के मेरे अधिकार से तो आप मुझे वंचित नहीं कर सकते अतः एक बार पुनः नमन एवं शुभरात्रि |
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