तुम सोचते हो
तुम सही हो
वह सोचता है कि
वह सही है
अगर दोनों सही हो
तो रेल की पटरियों जैसा
जीवन जीना होगा
साथ तो रहना होगा फिर भी |
सोचो
फिर फिर सोचो
पटरियां अगर
अलग अलग दिशायें पकड़ लें
और भूल जाएँ कि
रेल गुजरती है
तो रेल का क्या होगा ?
किसी दुर्घटना से
आशियाने को बचाना है |
तुम सही हो
वह सोचता है कि
वह सही है
अगर दोनों सही हो
तो रेल की पटरियों जैसा
जीवन जीना होगा
साथ तो रहना होगा फिर भी |
सोचो
फिर फिर सोचो
पटरियां अगर
अलग अलग दिशायें पकड़ लें
और भूल जाएँ कि
रेल गुजरती है
तो रेल का क्या होगा ?
किसी दुर्घटना से
आशियाने को बचाना है |
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