वे जेल भी
सोची समझी स्कीम
के अंतर्गत जाते हैं
और जेल में बैठकर
हर दिन त्यौहार मनाते है |
संसद में जो क़ानून बनता है
वह जन के पक्ष में नहीं
जनप्रतिनिधियों के लिए
खुशहाली लाता है |
मिड डे मील आया
उनके भरे खजाने और
बच्चों के लिए मौत लाया |
राजनैतिक दलों को
आरटीआई के अंतर्गत लाया गया
संसद द्वारा इन दलों को
आरटीआई के चंगुल से छुड़ाया गया
उनका मानना है कि
जनप्रतिनिधि खुश रहेंगे
तो देश में खुशहाली आएगी
इसीलिए तो सर्वप्रथम
जनप्रतिनिधियों का ही वेतन बढ़ाया गया |
सोची समझी स्कीम
के अंतर्गत जाते हैं
और जेल में बैठकर
हर दिन त्यौहार मनाते है |
संसद में जो क़ानून बनता है
वह जन के पक्ष में नहीं
जनप्रतिनिधियों के लिए
खुशहाली लाता है |
मिड डे मील आया
उनके भरे खजाने और
बच्चों के लिए मौत लाया |
राजनैतिक दलों को
आरटीआई के अंतर्गत लाया गया
संसद द्वारा इन दलों को
आरटीआई के चंगुल से छुड़ाया गया
उनका मानना है कि
जनप्रतिनिधि खुश रहेंगे
तो देश में खुशहाली आएगी
इसीलिए तो सर्वप्रथम
जनप्रतिनिधियों का ही वेतन बढ़ाया गया |
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