Friday, 16 August 2013

वे जेल भी
सोची समझी स्कीम
के अंतर्गत जाते हैं
और जेल में बैठकर
हर दिन त्यौहार मनाते है |
संसद में जो क़ानून बनता है
वह जन के पक्ष में नहीं
जनप्रतिनिधियों के लिए
खुशहाली लाता है |
मिड डे मील आया
उनके भरे खजाने और 
बच्चों के लिए मौत लाया |
राजनैतिक दलों को
आरटीआई के अंतर्गत लाया गया
संसद द्वारा इन दलों को
आरटीआई के चंगुल से छुड़ाया गया
उनका मानना है कि
जनप्रतिनिधि खुश रहेंगे
तो देश में खुशहाली आएगी
इसीलिए तो सर्वप्रथम
जनप्रतिनिधियों का ही वेतन बढ़ाया गया | 

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