सर्वोच्च न्यायालय
जब भी दहाड़ता है
संसद में मचता है शोर
करो इसे खामोश
करो इसे खामोश
और फिर बनता है
एक नया कानून
आमजन की ख्वाइशों के खिलाफ |
जब भी दहाड़ता है
संसद में मचता है शोर
करो इसे खामोश
करो इसे खामोश
और फिर बनता है
एक नया कानून
आमजन की ख्वाइशों के खिलाफ |
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