वे दोनों ( मम्मी-डैडी )
एक दूसरे से करते नहीं प्यार
लेकिन बच्चों को
"प्रेम "सिखाते हैं
बच्चों को सच बोलने की शिक्षा देते हैं
और अपने सच छिपाते हैं
वे कभी भी ,कहीं भी
समय पर नहीं पहुचे
बच्चों को समय की पाबंदी का पाठ पढ़ाते हैं |
पहले कहलाती थी जो चोरी
अब वह है सीनाजोरी
लेकिन बच्चों को तो आज भी हम
ईमानदारी ही सिखलाते हैं |
बच्चों को कुछ भी
सिखलाने की जरूरत नहीं
बच्चे आपकी नक़ल उतारते हैं
बच्चे सब कुछ माँ के गर्भ से ही सीखकर आते हैं |
एक दूसरे से करते नहीं प्यार
लेकिन बच्चों को
"प्रेम "सिखाते हैं
बच्चों को सच बोलने की शिक्षा देते हैं
और अपने सच छिपाते हैं
वे कभी भी ,कहीं भी
समय पर नहीं पहुचे
बच्चों को समय की पाबंदी का पाठ पढ़ाते हैं |
पहले कहलाती थी जो चोरी
अब वह है सीनाजोरी
लेकिन बच्चों को तो आज भी हम
ईमानदारी ही सिखलाते हैं |
बच्चों को कुछ भी
सिखलाने की जरूरत नहीं
बच्चे आपकी नक़ल उतारते हैं
बच्चे सब कुछ माँ के गर्भ से ही सीखकर आते हैं |
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