गुजरा हुआ वक्त हूँ
किसी भी दौड़ में
शामिल नहीं भयमुक्त हूँ
जैसे ही किसी दौड़ में
शामिल होते है आप
डर बना लेता है घर
आपको दीमक की तरह चाटता है
किसी भी दौड़ में
शामिल नहीं भयमुक्त हूँ
जैसे ही किसी दौड़ में
शामिल होते है आप
डर बना लेता है घर
आपको दीमक की तरह चाटता है
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