वह दरिंदा है
लेकिन है अभी बच्चा
होने दो उसे बड़ा
खाने तो मांस कच्चा
औरत और मर्द के फर्क को
वह अभी नहीं जानता है
योनि और लिंग को
पेशाब करने की जगह मानता है |
औरत और आदमी के फर्क को
जब वह जानेगा
तभी तो उसमें
अपराध बोध जागेगा
वह दरिंदा है
लेकिन है अभी बच्चा
आओ प्रतीक्षा करें उसके वयस्क होने की |
(अति- वयस्क ,आसाराम में तो अब तक नहीं जागा अपराध बोध )
लेकिन है अभी बच्चा
होने दो उसे बड़ा
खाने तो मांस कच्चा
औरत और मर्द के फर्क को
वह अभी नहीं जानता है
योनि और लिंग को
पेशाब करने की जगह मानता है |
औरत और आदमी के फर्क को
जब वह जानेगा
तभी तो उसमें
अपराध बोध जागेगा
वह दरिंदा है
लेकिन है अभी बच्चा
आओ प्रतीक्षा करें उसके वयस्क होने की |
(अति- वयस्क ,आसाराम में तो अब तक नहीं जागा अपराध बोध )
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