अपने हो गए सपने
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अगर चले गए छोड़कर
तो बेहतर होगा
लौटकर न आयें
सपने और अपने
हो सकता है
हम उन्हें लगें हो दुखने |
नदी तुम्हारी आँखों में
अपना घर बसा ले
होंठों पर तुम्हारे
खेलती रहे मुस्कान
जिन्हें हम लगे थे दुखने
वे अब अपने नहीं, हैं अनजान |
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अगर चले गए छोड़कर
तो बेहतर होगा
लौटकर न आयें
सपने और अपने
हो सकता है
हम उन्हें लगें हो दुखने |
नदी तुम्हारी आँखों में
अपना घर बसा ले
होंठों पर तुम्हारे
खेलती रहे मुस्कान
जिन्हें हम लगे थे दुखने
वे अब अपने नहीं, हैं अनजान |
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