ठगे से.....
++++++++
ठगे से खड़े पेड़
निहारते हैं औरत को
जिसका चेहरा
इनके चेहरों से
मिलता हरा भरा
फल देते हैं
छाया देते हैं
वातावरण की सारी गन्दगी
खुद पी लेते हैं नीलकंठ
पेड़ हो या हो औरत
सबसे पहले
इन्हें ही काटा जाता है
कहते हैं कि
पहाड़ पर चढ़ने
और जंगल में घुसने के लिए
रास्ता बनाया जा रहा है |
++++++++
ठगे से खड़े पेड़
निहारते हैं औरत को
जिसका चेहरा
इनके चेहरों से
मिलता हरा भरा
फल देते हैं
छाया देते हैं
वातावरण की सारी गन्दगी
खुद पी लेते हैं नीलकंठ
पेड़ हो या हो औरत
सबसे पहले
इन्हें ही काटा जाता है
कहते हैं कि
पहाड़ पर चढ़ने
और जंगल में घुसने के लिए
रास्ता बनाया जा रहा है |
No comments:
Post a Comment