Monday, 12 August 2013

नागपंचमी पर विशेष
++++++++++++++
वे जैसा चाहते थे
वैसा हो गया
उनकी टोपी में
एक और मोर पंख लग गया |
सांप को
बुरी नज़र से बचाने के लिए
टोपी में मोर पंख लगाने का
सिलसिला शुरू हुआ
अभी अभी जो आदमी यहाँ खड़ा था
चला गया केचुल छोड़कर
सांप ठगा सा देखता रह गया |

No comments:

Post a Comment