Tuesday, 8 January 2013

इस बार भी ?
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मोमबत्तियां
जंतर मंतर पर
जली हैं हर बार
जंतर मंतर ने देखा हैं
यह मंजर कितनी बार |
जब भी
ऐसा कुछ लगा कि
बदलेगा जरूर कुछ इस बार |
पड़ोसी मुल्क के साथ
सटी देश की सीमाओं पर
दिखने लगती है हलचल
हर बार पड़ोसी मुल्क
किसी ऐसे मौके पर
या चुनाव से पहले,
चुनाव हों पड़ोसी मुल्क में
या हों हमारे मुल्क में  
ये संसद में बैठे लोग
उतार देते हैं
हमारे दिल और दिमाग में खंजर
जंतर मंतर ने देखा है
न जाने कितनी बार यह मंजर |
देश खतरों से घिरा है
यह कहकर
मोमबत्तियां बुझा देने का
फरमान जारी कर दिया जाएगा
और यह सब पड़ोसी मुल्क के
हवाई हमलों से आपको
बचाने के लिए होगा  |

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