कुम्भ शुरू ,तमाम से प्रगतिशील विचारधारा के कवि और लेखक भी आपको दिख जायेंगे जो कुम्भ स्नान हेतु वहाँ पधारे होंगे | आखिर पाप कौन नहीं करता और पाप के परिणामों के भय से कौन मुक्त नहीं होना चाहता और कुम्भ स्नान से बेहतर और आसान तरीका और कुछ है क्या ? आइये मित्रों अपनी अंतरात्मा को सुलाने के लिए कुम्भ का प्रथम स्नान करें , यह लोरी है जिसे हमारे साधू संतों ने बड़ी मशक्कत के बाद रचा है | अपनी अंतरात्मा को सुलाने की प्रथम जिम्मेदारी तो हमारी ही है |आइये इस जिम्मेदारी को निभाएं |
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