कोई कृष्ण
नहीं आएगा तुम्हें बचाने
उठाओ मशाल
पहचानो उस आदमी का चेहरा
जिसने बाँध रक्खा है तुम्हें
अपने आँगन में
गाय की तरह
उम्र भर दुहने के लिए |
नहीं आएगा तुम्हें बचाने
उठाओ मशाल
पहचानो उस आदमी का चेहरा
जिसने बाँध रक्खा है तुम्हें
अपने आँगन में
गाय की तरह
उम्र भर दुहने के लिए |
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