Friday, 18 January 2013

बहुत से लोग हैं जो ताउम्र नहीं बदलते ,अब समझ में आया सचमुच वे सब स्टील या किसी अन्य धातु के ही बने होते हैं | ऐसे स्टील से बने लोगो से जीवन में कभी मुलाक़ात न हो यह ख्वाहिश है और मैं निरन्तर बदलता रहूँ ,यह भी है मेरी चाहना |
अब कुछ लिखता नहीं, बोलता भी कम ही हूँ  कुछ भी लिखूंगा कुछ भी बोलूँगा तो मेरी उम्र झलकने लगेगी ,चेहरे की झुर्रियां आपकी सोच में सबसे पहले झलकती हैं |
 नारी की इमेज बदलने के जो प्रयास हों रहे हैं उन प्रयासों की अगुवाई तो स्त्रियों को ही करनी होगी और इस बारे में मेरा सिर्फ एक सुझाव है कि किसी भी सूरत में इसकी अगुवाई पुरुषों के हाथ में न आने पाए वरना बदलेगा कुछ भी नहीं और सहयोग करने के एवज में वे प्रगतिशील पुरुष कुछ मेहनताना वसूल करने में कामयाबी जरूर हासिल कर लेंगे |स्त्रियों का स्वभाव आखिर एक ही रात में तो बदलने वाला नहीं है न ,वे स्वभाव से ही बहुत दयालू होती हैं | 

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