Friday, 12 May 2017

अनाम रिश्तों को सलाम |
2)

जिन्हें "तुम" कहकर सम्बोधित करता था उन्हें "आप" कहकर दूरी बना ली है |
3)
 यौवन 
इतिहास क्या हुआ, 
जिस्म का 
भूगोल ही बदल गया |
( स्त्री और पुरुष दोनों पर समान रूप से लागू )

4)

अक्सर वो आधा सच ही बताता है और आधा सच झूठ से भी ज्यादा घातक होता है |
5)

उन्हें ख्वाब ही दिखाना 
मूढ़ बहुमत को कभी सच मत बताना 
 राजगद्दी रहेगी सलामत बरसों बरस |
अंगूर के सपने के खातिर वे भूखे ही सो गए |
6)






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