Hum Kyon Jeete Hain
Friday, 19 May 2017
कभी हम यक़ीनन दोस्त थे ,
यह बेरुखी दोस्ती का ईनाम है |
कभी गर अँधेरा देखकर घबरा गया ,
काँधे पर मेरे ऐ दोस्त तुम्हारे हाथ थे |
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment