Saturday, 20 May 2017

मायका कहता है, ये बेटियां तो पराई हैं |
ससुराल कहता है, ये पराये घर से आयी हैं |
मायके भी होते हैं
ससुराल भी होते हैं,मगर
घर नहीं होते लड़कियों के |
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नामालूम
एक वक्त आता है
जब न मायका होता है
और न ससुराल बचता है
तब इन बेटियों का घर बसता है |
यही बेटियां जब सास बनती हैं
तब मायके और ससुराल का खेल फिर शुरू होता है |
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अवधेश निगम

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