झूठ के पैरों तले
सच को कराहते देखा है
कौन जाने सच को
मैंने देखा है या तुमने देखा है ?
सुना है अंत में जीत सच की ही होती लेकिन यह कोई नहीं बताता कि अंत से पहले ही सच अंतिम सांस लेता है |
सच को कराहते देखा है
कौन जाने सच को
मैंने देखा है या तुमने देखा है ?
सुना है अंत में जीत सच की ही होती लेकिन यह कोई नहीं बताता कि अंत से पहले ही सच अंतिम सांस लेता है |
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