Friday, 12 May 2017

ये न मेरा खुदा न है तेरा खुदा
करता हमको एक-दूजे से जुदा |
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कुछ पल तो हमें सुकून से जीने दे
कुछ देर के लिए तू सो जा ऐ खुदा |

2)

गाँठों को, 
महसूस करना हरबार 
शादी की वर्षगाँठ पर 
मुझे सुख देता है प्रिये |
3)

माफ़ी माँगना भी एक कला है और कुछ लोगों को इसमें महारत हासिल है|
4)

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