ये न मेरा खुदा न है तेरा खुदा
करता हमको एक-दूजे से जुदा |
&&&&&&
कुछ पल तो हमें सुकून से जीने दे
कुछ देर के लिए तू सो जा ऐ खुदा |
2)
गाँठों को,
महसूस करना हरबार
शादी की वर्षगाँठ पर
मुझे सुख देता है प्रिये |
3)
माफ़ी माँगना भी एक कला है और कुछ लोगों को इसमें महारत हासिल है|
4)
करता हमको एक-दूजे से जुदा |
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कुछ पल तो हमें सुकून से जीने दे
कुछ देर के लिए तू सो जा ऐ खुदा |
2)
गाँठों को,
महसूस करना हरबार
शादी की वर्षगाँठ पर
मुझे सुख देता है प्रिये |
3)
माफ़ी माँगना भी एक कला है और कुछ लोगों को इसमें महारत हासिल है|
4)
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