नींद आ जाए तो राहत है रात वर्ना--- रात का सन्नाटा डराता है / दर्द अपना फन फैलाता है |
2)
पुजारी बांटता है
ईश्वर के नाम की पंजीरी
मुल्ला होता है
अल्ला का दल्ला
ईश्वर अल्ला एक समान
सबको सन्मति दे भगवान् |
3)
निश्चित ही देश को एक सशक्त विपक्ष की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है लेकिन अन्य मुख्य विपक्षी दल आज़ादी के बाद से लगातार सत्ता में रहने के कारण विपक्ष की भूमिका निभाने में अक्षम हैं | सच तो यह है कि जो सत्ता में हैं उन्हें सत्ता चलाने का अनुभव नहीं है और अन्य सत्ता के जटिलताओं से तो परिचित हैं लेकिन विपक्ष के संघर्ष से अनजान |
4)
जो लोग अन्दर से मर जाते है / वे मरने से पहले ही मर जाते हैं |
5)
हर किसी से तुम हँसकर बात करना / गमजदा होने की खबर फैलने मत देना |
6)
बड़ी कोशिश की माँ को भुलाने की,
वह बात ही नहीं करती कहीं जाने की |
7)
चंद सिरफिरों की वजह से किसी भी कौम को बदनाम करना बेहूदगी के अतिरिक्त कुछ नहीं होता लेकिन कभी जानबूझकर और कभी अनजाने में यह काम हम सब करते रहते हैं |आईना साथ लेकर अब हम नहीं चलते |
8)
2)
पुजारी बांटता है
ईश्वर के नाम की पंजीरी
मुल्ला होता है
अल्ला का दल्ला
ईश्वर अल्ला एक समान
सबको सन्मति दे भगवान् |
3)
निश्चित ही देश को एक सशक्त विपक्ष की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है लेकिन अन्य मुख्य विपक्षी दल आज़ादी के बाद से लगातार सत्ता में रहने के कारण विपक्ष की भूमिका निभाने में अक्षम हैं | सच तो यह है कि जो सत्ता में हैं उन्हें सत्ता चलाने का अनुभव नहीं है और अन्य सत्ता के जटिलताओं से तो परिचित हैं लेकिन विपक्ष के संघर्ष से अनजान |
4)
जो लोग अन्दर से मर जाते है / वे मरने से पहले ही मर जाते हैं |
5)
हर किसी से तुम हँसकर बात करना / गमजदा होने की खबर फैलने मत देना |
6)
बड़ी कोशिश की माँ को भुलाने की,
वह बात ही नहीं करती कहीं जाने की |
7)
चंद सिरफिरों की वजह से किसी भी कौम को बदनाम करना बेहूदगी के अतिरिक्त कुछ नहीं होता लेकिन कभी जानबूझकर और कभी अनजाने में यह काम हम सब करते रहते हैं |आईना साथ लेकर अब हम नहीं चलते |
8)
जिन रिश्तों का हो जाता है नामकरण,अधिकार के बोझ तले दबकर मर जाते है |
कुछ ऐसे लोग भी होते हैं
जो बिन छुए ही आपको छू लेते हैं |
जो बिन छुए ही आपको छू लेते हैं |
अनाम रिश्ते जिनका कोई नाम नहीं होता |
जिनके पास किसी भी तरह का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता |
जिनके पास किसी भी तरह का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता |
9)
तुम्हारे एहसास से ही
पसर जाती है खुशबू
चारो ओर मेरे आस पास |
पसर जाती है खुशबू
चारो ओर मेरे आस पास |
इस खुशबू को
अपने भीतर समेटने से पहले
भटकती हुई भूलकर भी आ मत जाना मेरे पास |
अपने भीतर समेटने से पहले
भटकती हुई भूलकर भी आ मत जाना मेरे पास |
10)
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