दुनियाँ की जितनी जनसंख्या है
उतनी ही संख्या है सपनों की
सबके पास उनका अपना एक सपना है
उन सबके सपनों की अपनी एक कहानी है
दुनियाँ का सारा साहित्य
शब्दों से गढ़ी गई इमारत है
जिसमें दफ्न है उनके सपनों की कहानी |
कुछ लोग
आज भी व्यस्त हैं उनके सपनों को जानने में
और कुछ उनके सपनों को चुराने की कोशिश में |
उतनी ही संख्या है सपनों की
सबके पास उनका अपना एक सपना है
उन सबके सपनों की अपनी एक कहानी है
दुनियाँ का सारा साहित्य
शब्दों से गढ़ी गई इमारत है
जिसमें दफ्न है उनके सपनों की कहानी |
कुछ लोग
आज भी व्यस्त हैं उनके सपनों को जानने में
और कुछ उनके सपनों को चुराने की कोशिश में |
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