एक ही घर में
अनजानों की तरह रहने से बेहतर है
अलग-अलग मकानों में
परिचितों की तरह रहा जाए
रिश्तों में खुशबू खोना
एक दूसरे से अपरिचित होना
दुर्गन्ध फैलने से पहले
शव को शमशान पहुँचाना
एक सामाजिक जिम्मेदारी है
आईये शव-यात्रा में
खुशी-ख़ुशी शामिल हो जाईये ।
अनजानों की तरह रहने से बेहतर है
अलग-अलग मकानों में
परिचितों की तरह रहा जाए
रिश्तों में खुशबू खोना
एक दूसरे से अपरिचित होना
दुर्गन्ध फैलने से पहले
शव को शमशान पहुँचाना
एक सामाजिक जिम्मेदारी है
आईये शव-यात्रा में
खुशी-ख़ुशी शामिल हो जाईये ।
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