Hum Kyon Jeete Hain
Sunday, 7 July 2013
मुझे भाषा चाहिए
+++++++++++++
तुमने कहा-
"मौन समस्त भाषाओँ की भाषा है "
और मैं कुछ, बहुत कुछ
कहते कहते मौन हो गया
वह सब अनकहा एक सागर
मेरे भीतर रोता है
मौन थक कर अन-अभिव्यक्त
सो जाता है .
मौन मुझको तुम तक
संप्रेषित नहीं कर पा रहा है
मुझे भाषा चाहिए |
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment