Sunday, 14 July 2013

पुरुष जब भी स्त्री को कंधे पर उठाता है गिराने के लिए ही उठाता है | मैं जानता हूँ मेरी इस बात से न स्त्रियाँ सहमत होंगी और न ही पुरुष | सबके अपने अपने स्वार्थ और सब अपने अपने स्वार्थ सिद्ध करने में हैं संलग्न |

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