अगर चाहते हो ऐसी नींद
जिसमें न सपने हों
न अपने हो
न दुश्मन हों न हों दोस्त
तो कोशिश करो कि
किसी पर भी
हाँ किसी पर भी
तिनके भर का भी दबाव
तुम्हारी वजह से न हो
तुम्हारे ख्वाबों से भी
बेहतर होगी तुम्हारी नींद |
जिसमें न सपने हों
न अपने हो
न दुश्मन हों न हों दोस्त
तो कोशिश करो कि
किसी पर भी
हाँ किसी पर भी
तिनके भर का भी दबाव
तुम्हारी वजह से न हो
तुम्हारे ख्वाबों से भी
बेहतर होगी तुम्हारी नींद |
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