Tuesday, 2 July 2013

चेहरों के बीच


==========
एक ही से कई चेहरे
मुझे घेर लेते हैं
डराते हैं ,धमकाते हैं
ये चेहरे
बिना पैरों के
लम्बी यात्राओं पर
निकल जाते हैं
और लौट आते हैं
बिना किसी थकान के
घेर लेते हैं उस आदमी को
जिसका चेहरा
इनके चेहरों से नहीं मिलता |
मैं जब जब
इन चेहरों के साथ
पैरों को जोड़ने की बात सोचता हूँ
चेहरे भागने लगते हैं |
मैं थकान महसूस करता हूँ
( यात्राएं करता हूँ )
जब
एक ही से तमाम चेहरे
बिना पैरों के मुझे घेर लेते हैं |

No comments:

Post a Comment