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मेरे पैदा होने की तारीख
माँ नहीं जानती
माँ कहती है
बस इतना याद है कि
तू पितरपक्ष में
पैदा हुआ था
तेरे पिता ने पुरखों को
सिर्फ एक दिन पानी दिया था
फिर उन्हें
पानी नहीं दिया गया |
अँधेरे में उस पार खड़ा
मेरा पिता
भूखा और उदास है
मेरी प्यास
मेरे पुरखों कि प्यास है |
इस नन्हें पौधे को
इसी प्यास ने रोपा था
माँ इसे पौधा नहीं समझती
कहती है
तूने पुरखों को जना है
तू अपने पितरों का पिता है |
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