मेरी पत्नी
मंदिर जाती है
मैं नहीं जाता |
न वो
मुझे आहत करती है
न मैं
उसे आहत करता |
एक दूसरे को
आहत किये बगैर भी
जीवन जिया जा सकता |
मंदिर जाती है
मैं नहीं जाता |
न वो
मुझे आहत करती है
न मैं
उसे आहत करता |
एक दूसरे को
आहत किये बगैर भी
जीवन जिया जा सकता |
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