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गुरु ऐसे रहे कहाँ कि
उन्हें याद किया जाए
उन्हें मौक़ा लगे तो
गुरु दक्षिणा के नामपर
केवल अंगूंठा ही नहीं
सारी उंगलियाँ भी चट कर जाए |
उनसे पहले कहिये कि
एकलव्य का अंगूठा लौटाएं
तो हम धूम-धाम से गुरुपर्व मनाएं |
गुरु ऐसे रहे कहाँ कि
उन्हें याद किया जाए
उन्हें मौक़ा लगे तो
गुरु दक्षिणा के नामपर
केवल अंगूंठा ही नहीं
सारी उंगलियाँ भी चट कर जाए |
उनसे पहले कहिये कि
एकलव्य का अंगूठा लौटाएं
तो हम धूम-धाम से गुरुपर्व मनाएं |
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