जिस्म को मनाने
और लुभाने में
खर्च हो गयी पाई पाई
रूह रूठ कर
जाती है
तो जाने दो |
हमें तो आदत है "खिड़कियाँ"
बंद कर देने की
रूह को
मौत आती है
तो आने दो |
और लुभाने में
खर्च हो गयी पाई पाई
रूह रूठ कर
जाती है
तो जाने दो |
हमें तो आदत है "खिड़कियाँ"
बंद कर देने की
रूह को
मौत आती है
तो आने दो |
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