Thursday, 18 July 2013

राजेश जोशी की एक कविता पढ़कर

जीवन भर पुण्य
अब करता है कौन ?
अब वहां कोई नहीं आता
स्वर्ग में पसरा है सन्नाटा
नरक के दरवाजे पर
डाल दिया गया है
बहुत बड़ा ताला
पाप के सुख से
अब कोई वंचित नहीं रहा |

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