स्टेटस=== सेक्स को प्रेम का नाम देने की परंपरा कभी ख़त्म होगी क्या ? वासना के प्रकटीकरण को कभी हम प्रेम और कभी बलात्कार कह देते हैं |
कमेन्ट==सेक्स केवल एक अभिव्यक्ति है प्रेम की और कुछ नहीं ,प्रेम को सिर्फ सेक्स या वासना मै बांधना गलत है !
मेरा कमेन्ट=यानि की प्रेम में सेक्स एक आवश्यक तत्व हैं ,अंततोगत्वा प्रेम सेक्स के रास्ते से ही अभिव्यक्ति पाता है |
प्रेम और सेक्स की जब हम बात करते हैं तो वह एक स्त्री और पुरुष के बीच प्रेम ,वह प्रेम जिसके किस्से कहानियों से हमारा सारा साहित्य भरा पड़ा लेकिन विषय को भटकाने के लिए ज्ञानी लोग भाई बहन के प्रेम ,माँ बेटे का प्रेम की बातें करने लगते हैं | इस विषय में मैं पूर्णता निश्चित हूँ कि यदि स्त्री /पुरुष में सेक्स का आनंद देने और लेने की सामर्थ्य नहीं हैं तो ऐसे स्त्री /पुरुष के प्रति किसी का भी प्रेम काफूर हो जाएगा | वायवी बातें करने में अच्छी लगती हैं लेकिन वास्तविकता के धरातल पर हमें सच को स्वीकारना ही पड़ेगा |
कमेन्ट==सेक्स केवल एक अभिव्यक्ति है प्रेम की और कुछ नहीं ,प्रेम को सिर्फ सेक्स या वासना मै बांधना गलत है !
मेरा कमेन्ट=यानि की प्रेम में सेक्स एक आवश्यक तत्व हैं ,अंततोगत्वा प्रेम सेक्स के रास्ते से ही अभिव्यक्ति पाता है |
प्रेम और सेक्स की जब हम बात करते हैं तो वह एक स्त्री और पुरुष के बीच प्रेम ,वह प्रेम जिसके किस्से कहानियों से हमारा सारा साहित्य भरा पड़ा लेकिन विषय को भटकाने के लिए ज्ञानी लोग भाई बहन के प्रेम ,माँ बेटे का प्रेम की बातें करने लगते हैं | इस विषय में मैं पूर्णता निश्चित हूँ कि यदि स्त्री /पुरुष में सेक्स का आनंद देने और लेने की सामर्थ्य नहीं हैं तो ऐसे स्त्री /पुरुष के प्रति किसी का भी प्रेम काफूर हो जाएगा | वायवी बातें करने में अच्छी लगती हैं लेकिन वास्तविकता के धरातल पर हमें सच को स्वीकारना ही पड़ेगा |
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