कोई भी औरत जब किसी की प्रेमिका बनती है तो पत्नी बनने का सपना उसकी आँखों में पूर्वनियोजित ढंग से बसा होता है | प्यार को अगर अधिकार न मिले तो मर जाता है प्यार | और तथाकथित प्यार को जब अधिकार मिल जाता है तब भी मर जाता है प्यार | मुझे तो लगता है प्यार जैसा कुछ होता ही नहीं है
प्यार कुछ भी नहीं सिर्फ अधिकार को पाने के लिए बिछाया गया जाल है |
प्यार कुछ भी नहीं सिर्फ अधिकार को पाने के लिए बिछाया गया जाल है |
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