उन्हें जख्मों को कुरेदने की आदत है !
आँखों को आँसुओं की नहीं इजाज़त है !!
बार बार दोस्ती में नए नए घाव करते हैं !
मुझे मरहम लगाने की नहीं इजाज़त है !!
हर बार नए इलज़ाम मुझ पर लगाते हैं !
मुझे शिकायत करने की नहीं इजाज़त है !!
मैंने बनाया था जो घोसला उज़ड़ गया है !
उसे फिर से सँवारने की नहीं इजाज़त है !!
अब तो बस कब्र में ही पनाह मिलनी है !
मुझे सुकून से सोने की नहीं इजाज़त है !!
आँखों को आँसुओं की नहीं इजाज़त है !!
बार बार दोस्ती में नए नए घाव करते हैं !
मुझे मरहम लगाने की नहीं इजाज़त है !!
हर बार नए इलज़ाम मुझ पर लगाते हैं !
मुझे शिकायत करने की नहीं इजाज़त है !!
मैंने बनाया था जो घोसला उज़ड़ गया है !
उसे फिर से सँवारने की नहीं इजाज़त है !!
अब तो बस कब्र में ही पनाह मिलनी है !
मुझे सुकून से सोने की नहीं इजाज़त है !!
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