हर दिन होता है
कोई न कोई दिवस
और हम
शुभकामनायें देने के लिए
होते हैं विवश |
वैलेंटाइन डे ,गौरैय्या दिवस
हिंदी दिवस ,कविता दिवस
स्वतंत्रता दिवस ,गणतंत्र दिवस
पानी दिवस आदि..आदि |
एक दिन
सिर्फ एक दिन
शुभकामनायें देते हैं
और फिर सब भूल जाते हैं |
गौरय्या दिवस पर
दाना देते हैं
पिलाते है पानी
और उसके बाद
कौन गौरय्या ?
कैसी गौरय्या ?
गौरय्या की कम होती तादाद
एक सवाल खड़ा करती है
गौरय्या प्यास से क्यों मरती है ?
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर
सरकारी कार्यक्रमों में
मजबूरीवश शामिल होते हैं
हम खुशियाँ नहीं मनाते
आज़ादी के बाद से
तंत्र हुआ मजबूत
और स्वतंत्र हो गया
गण को पकड़ा दिए गए
खोखले मंत्र |
हिंदी दिवस पर
शुभकामनायें देते हैं
"हैप्पी हिंदी डे " कहकर
और अपने बच्चों को
अंग्रेजी स्कूलों में
पढ़ने भेज देते हैं |
वैलेंटाइन डे यानि की प्रेम दिवस पर
शुभकामनायें देते हैं
और लड़कों से कहते हैं कि
जाओ खूब मनाओ प्रेम दिवस
और लड़की को देहरी से बाहर
पाँव निकालने की मुनादी |
कविता दिवस पर
मेरे बाबा
बार-बार पूछते रहे कि
यह वही लड़की है न
जिसे बलात्कार के बाद
दरिंदों ने
मौत के घाट उतार दिया था
और पुलिस ने उस लड़की को
बदचलन करार दिया था |
लो भाई लो
अब जल दिवस को भी झेलो
स्वच्छ गंगा
स्वच्छ यमुना चिल्लाओ
और फिर उन्हीं के किनारे
बड़े बड़े मेले लगवाओ |
आईये
शुभकामनायें देने की
औपचारिकता निभाते रहें
कविता ,प्रेम ,स्त्री ,गौरय्या
जल और हिंदी आदि की
बदहाली पर घड़ियाली आंसू बहाते रहें
कोई न कोई दिवस
और हम
शुभकामनायें देने के लिए
होते हैं विवश |
वैलेंटाइन डे ,गौरैय्या दिवस
हिंदी दिवस ,कविता दिवस
स्वतंत्रता दिवस ,गणतंत्र दिवस
पानी दिवस आदि..आदि |
एक दिन
सिर्फ एक दिन
शुभकामनायें देते हैं
और फिर सब भूल जाते हैं |
गौरय्या दिवस पर
दाना देते हैं
पिलाते है पानी
और उसके बाद
कौन गौरय्या ?
कैसी गौरय्या ?
गौरय्या की कम होती तादाद
एक सवाल खड़ा करती है
गौरय्या प्यास से क्यों मरती है ?
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर
सरकारी कार्यक्रमों में
मजबूरीवश शामिल होते हैं
हम खुशियाँ नहीं मनाते
आज़ादी के बाद से
तंत्र हुआ मजबूत
और स्वतंत्र हो गया
गण को पकड़ा दिए गए
खोखले मंत्र |
हिंदी दिवस पर
शुभकामनायें देते हैं
"हैप्पी हिंदी डे " कहकर
और अपने बच्चों को
अंग्रेजी स्कूलों में
पढ़ने भेज देते हैं |
वैलेंटाइन डे यानि की प्रेम दिवस पर
शुभकामनायें देते हैं
और लड़कों से कहते हैं कि
जाओ खूब मनाओ प्रेम दिवस
और लड़की को देहरी से बाहर
पाँव निकालने की मुनादी |
कविता दिवस पर
मेरे बाबा
बार-बार पूछते रहे कि
यह वही लड़की है न
जिसे बलात्कार के बाद
दरिंदों ने
मौत के घाट उतार दिया था
और पुलिस ने उस लड़की को
बदचलन करार दिया था |
लो भाई लो
अब जल दिवस को भी झेलो
स्वच्छ गंगा
स्वच्छ यमुना चिल्लाओ
और फिर उन्हीं के किनारे
बड़े बड़े मेले लगवाओ |
आईये
शुभकामनायें देने की
औपचारिकता निभाते रहें
कविता ,प्रेम ,स्त्री ,गौरय्या
जल और हिंदी आदि की
बदहाली पर घड़ियाली आंसू बहाते रहें
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