"कन्यादान" करके बेटी को वस्तु तो आप बना ही देते हैं और फिर रोते हैं | क्यों भूल जाते है कि दान वस्तु का किया जाता है व्यक्ति का नहीं ?कन्यादान महादान कहकर आपको बरगलाया गया आप खुश हुए कि इस महादान का कुछ पुण्य तो आपको मिलेगा ही |
कन्या को पराया धन कहा जाता है क्यों ? कन्या को माता पिता के क्रियाकर्म करने का अधिकार नहीं दिया गया ,आखिर क्यों ? विधवा स्त्री को किसी तथाकथित शुभ कार्य में शामिल होने की मनाही क्यों ? बेटियों तुम सवाल क्यों नहीं करती ? सवाल करो जवाब तुम्हें खुद में तलाशना है | बहुत बेदर्दी से डाली गयी हैं बेड़ियाँ तुम्हारे पैरों में ,बेड़ियों को उतार फेको और याद रक्खो कि तुम जननी हो |
कन्या को पराया धन कहा जाता है क्यों ? कन्या को माता पिता के क्रियाकर्म करने का अधिकार नहीं दिया गया ,आखिर क्यों ? विधवा स्त्री को किसी तथाकथित शुभ कार्य में शामिल होने की मनाही क्यों ? बेटियों तुम सवाल क्यों नहीं करती ? सवाल करो जवाब तुम्हें खुद में तलाशना है | बहुत बेदर्दी से डाली गयी हैं बेड़ियाँ तुम्हारे पैरों में ,बेड़ियों को उतार फेको और याद रक्खो कि तुम जननी हो |
No comments:
Post a Comment