दूध के धुले न हम हैं न तुम !
न जाने कौन से नशे में हैं हम !!
न हम, हम रहे न तुम तुम , जानते हैं !
मुड़कर न जाने क्यों फिर देखते हैं हम !!
रोते हैं वे क्योकि हँस नहीं सकते !
रोते हैं वे यह सोचकर खुश हैं हम !!
प्यार आदमी को अहंकारी,है बना देता !
प्यार नेमत है कभी न सोचते है हम !!
न जाने कौन से नशे में हैं हम !!
न हम, हम रहे न तुम तुम , जानते हैं !
मुड़कर न जाने क्यों फिर देखते हैं हम !!
रोते हैं वे क्योकि हँस नहीं सकते !
रोते हैं वे यह सोचकर खुश हैं हम !!
प्यार आदमी को अहंकारी,है बना देता !
प्यार नेमत है कभी न सोचते है हम !!
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