गेरुए वस्त्र धारी
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गेरुए वस्त्र धारी हैं वे
तुम्हारी आस्था को
मुहं मांगी कीमत में
बेच देते हैं |
वे गुनाह पर गुनाह करते हैं और
ईश्वर की आड़ में छिप जाते हैं
मलाई खुद खाते हैं
और जूठन छोड़ जाते हैं
ईश्वर के लिए |
और तुम
प्रसाद समझ कर
उसे ग्रहण करते हो |
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गेरुए वस्त्र धारी हैं वे
तुम्हारी आस्था को
मुहं मांगी कीमत में
बेच देते हैं |
वे गुनाह पर गुनाह करते हैं और
ईश्वर की आड़ में छिप जाते हैं
मलाई खुद खाते हैं
और जूठन छोड़ जाते हैं
ईश्वर के लिए |
और तुम
प्रसाद समझ कर
उसे ग्रहण करते हो |
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