कैसे सोचते हो ?
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हिन्दू , हिन्दू की तरह न सोचे
मुसलमान , मुसलमान की तरह न सोचे
हमें चाहिए ऐसे लोग
जो इंसान की तरह सोचें |
वे लोग
जो हिन्दुओं को बरगलाते हैं
हिन्दुओं की तरह सोचने के लिए
मुसलमानों को बाध्य करते हैं
मुसलमान की तरह सोचने के लिए
और देखते हैं अखंड भारत का सपना
हमें इंसानियत को बचाना है
दोगलापन छोड़कर
आईने के सामने आना है |
तुम्हें देखकर
जब आईना मुस्कराएगा
तब हमारा देश
एक बार फिर
विश्व गुरु कहलाएगा |
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हिन्दू , हिन्दू की तरह न सोचे
मुसलमान , मुसलमान की तरह न सोचे
हमें चाहिए ऐसे लोग
जो इंसान की तरह सोचें |
वे लोग
जो हिन्दुओं को बरगलाते हैं
हिन्दुओं की तरह सोचने के लिए
मुसलमानों को बाध्य करते हैं
मुसलमान की तरह सोचने के लिए
और देखते हैं अखंड भारत का सपना
हमें इंसानियत को बचाना है
दोगलापन छोड़कर
आईने के सामने आना है |
तुम्हें देखकर
जब आईना मुस्कराएगा
तब हमारा देश
एक बार फिर
विश्व गुरु कहलाएगा |
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